इस हफ्ते की राष्ट्रीय और शिक्षा-क्षेत्र की खबरों का एक संक्षिप्त, revision-friendly राउंडअप — आधिकारिक PIB स्रोतों से सत्यापित।
शिक्षा और कौशल विकास
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PM-SETU (Pradhan Mantri Skilling and Employability Transformation through Upgraded ITIs) ने 4 अक्टूबर 2026 को एक साल पूरा किया। ₹60,000 करोड़ की इस योजना (₹30,000 करोड़ केंद्र + ₹20,000 करोड़ राज्य + ₹10,000 करोड़ उद्योग) का लक्ष्य hub-and-spoke मॉडल से 1,000 सरकारी ITI का आधुनिकीकरण करना है। पहले साल में 850 ITI चिन्हित (172 Hub + 678 Spoke) किए गए और 14 ITI क्लस्टर मंज़ूर हुए, जिनमें ₹3,446 करोड़ से ज़्यादा का निवेश है। हर अपग्रेड ITI एक Special Purpose Vehicle के रूप में चलेगा, जिसमें उद्योग भागीदारों की हिस्सेदारी 51% और सरकार की 49% होगी।
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शिक्षा मंत्रालय ने शास्त्रीय भाषाओं के लिए 5 नए उत्कृष्टता केंद्र (Centres of Excellence) मंज़ूर किए, 1 अक्टूबर 2026 के Office Memorandum के ज़रिए — अक्टूबर 2024 में शास्त्रीय दर्जा पाने वाली हर भाषा के लिए एक:
- शास्त्रीय असमिया — तेजपुर विश्वविद्यालय, असम
- शास्त्रीय बांग्ला — विश्व-भारती विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल
- शास्त्रीय मराठी — डेक्कन कॉलेज पोस्ट-ग्रेजुएट एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, पुणे
- शास्त्रीय पाली — सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ ओडिशा
- शास्त्रीय प्राकृत — सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ गुजरात
ये केंद्र हर भाषा की पाठ्य विरासत के शोध, डिजिटलीकरण और संरक्षण पर काम करेंगे।
फोकस में सरकारी योजनाएं
- MERITE (Multidisciplinary Education and Research Improvement in Technical Education) पर नज़र रखना ज़रूरी है — कैबिनेट से मंज़ूर ₹4,200 करोड़ की योजना (जिसमें ₹2,100 करोड़ विश्व बैंक ऋण शामिल है), जो 275 तकनीकी संस्थानों (175 इंजीनियरिंग संस्थान + 100 पॉलिटेक्निक) को कवर करती है और इससे लगभग 7.5 लाख छात्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
यह क्यों ज़रूरी है
भारत में शास्त्रीय भाषाएं अब 11 हैं, और PM-SETU व MERITE जैसी योजनाएं व्यावसायिक और तकनीकी शिक्षा को आगे बढ़ा रही हैं — यह NEP 2020 के कौशल विकास और बहुभाषावाद वाले हिस्सों को दोहराने का अच्छा समय है। ये pedagogy से जुड़े सवालों से कैसे जुड़ते हैं, यह जानने के लिए हमारी NEP 2020 गाइड देखें।
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