National Education Policy (NEP) भारत में टीचर एलिजिबिलिटी, ट्रेनिंग, और करिकुलम डिज़ाइन को लगातार आकार दे रही है। यहाँ हाल ही में क्या बदला है और आपकी TET तैयारी के लिए ये क्यों मायने रखता है, इसका एक सरल अपडेट है।
Foundational Literacy & Numeracy (FLN) पर फोकस
शुरुआती कक्षाओं के बच्चों के लिए फाउंडेशनल लिटरेसी और न्यूमेरेसी पर लगातार जोर ने हाल के TET चक्रों में EVS और गणित पेडागॉजी के सवालों को प्रभावित किया है — activity-based और application-oriented सवालों की उम्मीद रखें।
4-वर्षीय Integrated Teacher Education Programme
4-वर्षीय Integrated B.Ed. प्रोग्राम को अंतिम रूप से मानक शिक्षक योग्यता मार्ग बनाने की दिशा में प्रयास जारी है, साथ ही मौजूदा D.El.Ed और B.Ed मार्ग भी CTET/UTET पात्रता के लिए मान्य बने हुए हैं।
बहुभाषी शिक्षा पर जोर
NEP का मातृभाषा-आधारित शिक्षा पर जोर, शुरुआती कक्षाओं में, सीधे भाषा पेडागॉजी के सवालों से जुड़ता है — जैसे प्रथम-भाषा अधिग्रहण और बहुभाषी कक्षाएं — जो CTET और UTET दोनों के भाषा सेक्शन में बार-बार आने वाला विषय है।
आपकी तैयारी के लिए इसका क्या मतलब है
- पेडागॉजी विषयों को इस नज़रिए से दोहराएं कि कोई practice क्यों recommend की जाती है (policy rationale), सिर्फ क्या practice है ये नहीं।
- scenario-based सवालों की उम्मीद रखें जो जांचते हैं कि क्या आप classroom context में NEP-aligned teaching philosophy को apply कर सकते हैं।
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